dua for love in hindi

Dua For Love in Hindi

Dua For Love in Hindi

Dua For Love in Hindi, “अल्लाह से की गई हर दुआ कबूल होती है। क्योंकि अल्लाह अपने बच्चों से कभी नाराज नहीं होता है। एक बच्चा चाहे कितना भी शरारती क्यों न हो, उसके वालिदेन उसकी हर गलती पर पर्दा डाल देते हैं। वैसे ही अल्लाह अपने बंदों की गलती गुस्ताख़ी को माफ़ कर देता है। Hindi me Love Ke liye Dua करना बहुत ही आसान है। अगर आप अपने जीवन साथी को प्यार करते हैं, और उसके बिना जीना नामुमकिन है, तो ही अल्लाह ताला से दुआ कर सकते हैं। प्यार के लिए दुआ बहुत ही पावरफुल होती है।

किसी ने शायरी अंदाज़ से प्यार के लवजों को बया किया है।

“प्यार के लिए उस से इजाज़त माँगी
तूटे दिल ने भी उसके लिए दुआ माँगी
जाने क्या बात थी उस में कि
मैंने आख़री ख़्वाहिश में भी उस से मिलने की दुआ माँगी”

Shadi Ke Liye Dua:

Dua For Love in Hindi

जो इंसान दिल का बहुत अच्छा होता है अक्सर दुआ भी उसी के लिए मांगी जाती है। जिसे आप अपनी जान से भी ज़्यादा पसंद करते हो, और उसके साथ ही पूरी ज़िंदगी गुजरना चाहते हो। अगर किसी लड़के या लड़की से मोहब्बत करते हैं, और उसी से शादी करने चाहते हैं। अल्लाह से शादी के लिए दुआ की फ़रियाद करते हैं। अगर अल्लाह ताला ने फ़रियाद
क़बूल कर ली, तो आपकी शादी उसी लड़के या लड़की से होगी जिसे आप मोहब्बत करते हैं।

Kisi Ke Liye Dua:

दुनिया में कोई ना कोई किसी के लिए दुआ करता है। पसंद की शादी के लिए दुआ। वाइफ़ हस्बैंड के लिए दुआ करती हैं। गर्लफ्रेंड अपने बॉयफ़्रेंड के लिए दुआ करती हैं। अम्मी अब्बू अपने बच्चे की कामयाबी के लिए दुआ करते हैं। कोई अपने प्यार के लिए दुआ करता है, तो कोई अपनी फ़ैमिली की ख़ुशियों के लिए दुआ करता है। मैं भी अल्लाह से दुआ करुगा कि आपकी सभी मुश्किलें और परेशानियाँ दूर हो जाएं।

Dua For Husband and Wife:

घर की तमाम परेशानियाँ एक वाइफ़ के हस्बैंड ही उठाते हैं। घर की तमाम जिम्मेदरिया उन पर होती हैं। उन सभी ज़िमेदारियों और परेशानियों को दूर करने का साथ एक वाइफ़ देती है। वाइफ़ को अपने हस्बैंड की परेशानी से निजात पाने के लिए दुआ की ज़रूरत होती है।

Dua For Love in Hindi

वह अपने अल्लाह से हस्बैंड के लिए दुआ करती हैं, कि उनकी सभी परेशानियाँ और ग़म दूर हो जाएं। एक दुआ निचे दी जा रही है जिसको 7 दिन पढ़ने मात्र से आपकी और आपके पति या पत्नी की परेशानिया ख़त्म हो जाएगी। दुआ ये है:

अल्लाहुम्मा अरिनी फ़ि मनामि क़ज़ा व जअल ली मिन फ़-र-जन व मखरीजन व अरिनी फ़ी मनामि मासतदिल्लाह बिहि अला ईजायती दाअवति।

अल्लाह ने चाहा तो पहली रात में दुआ क़ुबूल हो जाएगी और यदि न हुयी तो दूसरी या तीसरी रत को वर्ना सातवीं रात तक ऐसा करे, और अगर सातवीं रात को न देखे, तो जानना चाहिए कि अमल में कोई कमी रह गई है, अर्थात कपड़े पाक न हों या बिस्तर नापाक हो इसलिए अपने कपड़े और बिस्तर दोनों का पाक होना अत्यन्त जरूरी है। जांचा हुआ है इस दुआ को बुद्ध की रात को शुरू किया जाए।

अमल नहीं समझ में आ रहा तो मौलाना जी से राब्ता करे मदद की जाएगी।

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