Dua For All Problem Solution
Dua For All Problem Solution, “दोस्तों मैंने आज यहाँ सभी तरह की दुआ के बारे में लिखा हुआ है जिस से आपको कोई और पोस्ट पढ़ने की जरुरत नहीं होगी। अपनी परेशानी के हिसाब से आप क्लिक करे और दुआ पढ़े लेकिन दुआ पढ़ने के कुछ नियम हैं, मैं वो निचे डिटेल में बता देता हूँ। जिन दुआ के बारे में नहीं बतया गया है कृपया कर कमेंट कर बताये किस दुआ के बारे में आप जानना चाहोगे।
Nazar Bad ki Dua :
नज़र बद की दुआ कुछ इस तरह है : अ-ऊज़ू बिकलिमा तिल्लाहित ताम्मति मिनकुल्लि शैतानिन व हाममतिन व मिनकुल्लि ऐनिन लाममतिन। या अल्लाह रब्बुल आलमीन के मुकम्मल कलिमात के साथ पनाह मांगता हु शैतान और जहरीली चीज से जो कि मारदे और हर नुकसान पहुंचाने वाली बुरी नज़र से।
Sar dard ki dua :
सर दर्द की दुआ इस प्रकार है कि किसी शक्श को पाक साफ होकर 41 मर्तबा बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम पढ़कर उस से अपने सर पर दम करवा ले। इससे उस शख्स को सर दर्द में बहुत जल्द आराम मिले जाएगा।
pareshani ki dua :
हर तरह की परेशानी की दुआ कुछ इस प्रकार है : अल्लाहुम्मा सल्ली ‘अला सय्यिदिना मु’हम्मदिन सलातन तुहिल्लू बिहा उक़ूदती वतुफ़र्रिज बिहा कुरबती वतुक़दी बिहा हाजती। इस दुआ को आपको सिर्फ रात के समय पढ़ना है। और इस दुआ को आप किसी भी समय पढ़ सकते हैं परेशानी से निजात भी हो जाओगे : “अल्लाहुम्मा अज़हिब ‘अनिय्यिल हम्मा वाल ‘हुज़्ना”।
dard ki dua :
हर प्रकार के दर्द के लिए इसे पढ़ें : 3 बार “बिस्मिल्लाह”
7 बार “अऊ ज़ुबिल्लाहि व कुद रतिही मिन शररि मा अजिदु व उहाज़िरु” इस बात का धयान रहे की ये दुआ सिर्फ शारीरिक दर्द के लिए कारगर है। अन्य दुआ निचे दी गयी है।
neend aane ki dua :
किसी भी सूरत में आपको नींद न आ रही हो तो इस दुआ को कम से कम 11 दफा आधी आँख बंद कर पढ़े और 10-10-10 सेकंड के लिए साँस भी रोक लें। दुआ इस प्रकार है : अल्लाहुम्मा घारितिन्नुजूमउ व हादातील उयूनी व अनत्ता हय्यू क़य्यूमु ललाटाखुज़ुका सिनातूनवला नवमुन या हय्यू या क़य्यूमु इहदी लेली व अनिम अयनी”
sir dard ki dua:
सर दर्द के लिए इसे पढ़ें : 3 बार “बिस्मिल्लाह”
7 बार पढ़े “अऊ ज़ुबिल्लाहि व कुद रतिही मिन शररि मा अजिदु व उहाज़िरु” इस बात का धयान रहे की ये दुआ सिर्फ सर के दर्द के लिए कारगर है।
mushkil waqt or musibat ki dua :
मुश्किल वक़्त में पढ़ने की दुआ : हसबुनअल्लाहु वा निमल वकील सुराह आल-ए-इमरान” रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ” हसबुनअल्लाह वा निमल वकील अलअल्लाहि तव्क्कलना जामिया तिरमिज़ी” मुश्किल और मुसीबत की दुआ यही है।
nazar utarne ki dua :
नज़र से बचने के लिए दुआ इस प्रकार है : ” अ-ऊजु बिकलिमा तिल्लाहि’त ताम्मति मिन-कुल्लि शैतानिन व हाम’मतिन व मिन’कुल्लि ऐनिन लाममतिन. ” या अल्लाह मुझे अपने दिल से दुआ करता हूँ कि जो भी नज़र मेरे पर या मेरे परिवार पर, या मेरे रोजगार पर लगी है उस शैतानी नज़र को दूर करने की दुआ करता हूँ।
hajat ki dua :
मेरे प्यारे इस्लामी भाइयों और बहनों,
अगर आपके दिल में कोई हाजत (ज़रूरत) है—चाहे वो दुनियावी हो या दीनी—तो आज आप सही जगह पर आए हैं। आज हम बात करेंगे उस खास नमाज़ और दुआ की, जिसे सलातुल हाजत कहा जाता है।
सलातुल हाजत इस्लाम में एक ऐसी पाक नमाज़ है जिसे तब अदा किया जाता है जब इंसान को कोई अहम ज़रूरत पेश आती है। चाहे नौकरी की तलाश हो, शादी का मामला हो, बीमारी से शिफा चाहिए हो, या कोई भी ज़िन्दगी की उलझन—सलातुल हाजत के ज़रिए हम सीधे अल्लाह से अपनी अर्ज़ पेश करते हैं। ये नमाज़ अल्लाह की रहमत और मदद को बुलाने का एक प्यारा तरीका है।
हुज़ूर-ए-पाक ﷺ ने हमें सिखाया है कि जब दिल परेशान हो और राहें बंद नज़र आएं, तो दो रकात सलातुल हाजत पढ़कर सच्चे दिल से दुआ की जाए—इंशाल्लाह, अल्लाह तआला ज़रूर हमारी सुनवाई करेगा।
आज के इस लेख में हम जानेंगे:
✅ सलातुल हाजत की दुआ (अरबी, हिंदी, इंग्लिश में)
✅ इसका सही तरीका
✅ और इसका खूबसूरत तर्जुमा, ताकि हम इसे समझ भी सकें और दिल से अमल भी कर सकें।
दुआ है कि अल्लाह तआला हमें इस दुआ को याद करके अमल करने की तौफीक दे। आमीन।
rizq ki dua :
अल्लाहुम्मा इन्नी अस्अलुका इल्मन नाफ़िअ, वा रिज़्क़न तैय्यिबन, वा अमलन मुतक़ब्बलन”
अनुवाद:
“ऐ अल्लाह! मैं तुझसे फ़ायदे वाला इल्म, पाक व हलाल रोज़ी, और ऐसे नेक अमल की दुआ करता हूँ जिसे तू क़ुबूल फ़रमाए।”
ये सिर्फ़ अल्फ़ाज़ नहीं—बल्कि एक मोमिन (सच्चे ईमान वाले) की ज़िन्दगी का मक़सद है। जब इंसान मेहनत करता है, तो उसके साथ उसकी दुआएँ भी अल्लाह के दरबार में दस्तक देती हैं।
💫 लाभदायक ज्ञान से न सिर्फ दुनिया में कामयाबी मिलती है, बल्कि आख़िरत में भी रोशनी मिलती है।
🍃 पाक और हलाल रोज़ी इंसान की ज़िन्दगी में सुकून, बरकत और हिफ़ाज़त लाती है।
🕊️ क़ुबूल अमल वो होता है जो दिल से किया जाए, सिर्फ़ रिया (दिखावे) के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ़ अल्लाह की रज़ा के लिए।
इसलिए, मेहनत करना ज़रूरी है—but never forget: सच्चा मोमिन हमेशा अल्लाह से दुआ करता है कि उसकी मेहनत में बरकत हो, उसका इल्म फायदेमंद हो, और उसके नेक काम क़ुबूल हों।
अल्लाह हमें भी ऐसी दुआओं को समझने, याद करने और दिल से पढ़ने की तौफीक अता फरमाए। आमीन।
Hadsat Se Bachne Ki Dua :
ये दुआ आप घर से निकलते समय पढ़े और किसी भी हादसाद से बच जायेगें : अल्लाहुम्मा अनता रब्बी ला इलाहा इल्ला अनता ‘अलयका तवक्कलत व अनता रब्बुल‘ अर्शिल करीमी माशा अल्लाहु काना वाला लम यशा लम।” इस दुआ का अच्छे से इस्तेमाल करे कुछ समझ न आये तो व्हाट्सप्प या call now पर क्लिक करके मौलाना जी से पूछ सकते हो।
Pet Dard Ki Dua :
जब पेट में दर्द हो तो इन दुआओं को पढ़ें – राहत मिलेगी, इंशा’अल्लाह!”
इस्लाम हमें सिर्फ दवाओं पर ही नहीं छोड़ता, बल्कि हर बीमारी और तकलीफ़ के लिए खास रूहानी इलाज भी बताता है।
चाहे आप मर्द हों या औरत—even गर्भवती महिलाएं भी इन दुआओं को पढ़ सकती हैं।
इन दुआओं का मक़सद सिर्फ दर्द से छुटकारा पाना नहीं है—बल्कि यह अल्लाह से कहना है:
“या अल्लाह! मुझे तुझ पर भरोसा है, तू ही मुझे शिफा देगा।”
📿 पेट दर्द, बुखार और हर दर्द के लिए
हज़रत इब्न अब्बास (रज़ि.अ.) से रिवायत है कि रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:
“بِسْمِ اللَّهِ الْكَبِيرِ أَعُوذُ بِاللَّهِ الْعَظِيمِ مِنْ شَرِّ كُلِّ عِرْقٍ نَعَّارٍ وَمِنْ شَرِّ حَرِّ النَّارِ”
🔸 उच्चारण (Transliteration):
Bismillahil-Kabir; a’udhu billahil-‘Azimi min sharri kulli ‘irqin na’arin, wa min sharri harrin-nar.
🔸 हिंदी अनुवाद:
“मैं अल्लाह, जो बहुत बड़ा है, के नाम से (शुरू करता हूँ)। मैं अल्लाह, जो अज़ीम (महान) है, की पनाह चाहता हूँ हर उबलती नस की बुराई से और जहन्नम की गर्मी की बुराई से।”
📚 (हदीस: जामिअ अत-तिर्मिज़ी 2075)
✅ कब पढ़ें?
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जब पेट में तेज़ दर्द हो
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गैस, ऐंठन या जलन महसूस हो
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बुखार या थकान के साथ पेट में तकलीफ़ हो
📿 आप इसे दिन में कई बार पढ़ सकते हैं — सच्चे दिल और यकीन के साथ।